डिजिफेस्ट 2026: कर्नल राठौड़ के नेतृत्व में राजस्थान बना डिजिटल हब

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डिजिफेस्ट 2026: कर्नल राठौड़ के नेतृत्व में राजस्थान बना डिजिटल हब

राजस्थान के डिजिटल भविष्य की शुरुआत राजस्थान अब केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि डिजिटल नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी

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राजस्थान के डिजिटल भविष्य की शुरुआत

राजस्थान अब केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि डिजिटल नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी उद्यमिता के लिए भी पहचाना जाने लगा है। जयपुर में आयोजित डिजिफेस्ट × TiE ग्लोबल समिट 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य अब भविष्य की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

इस परिवर्तन के केंद्र में हैं Rajyavardhan Singh Rathore, जिनके नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने तकनीक, निवेश और युवाओं को जोड़ने की एक स्पष्ट और व्यावहारिक रणनीति अपनाई है।

डिजिटल इंडिया के राष्ट्रीय विज़न से सीधा जुड़ाव

डिजिफेस्ट 2026 केवल एक राज्य स्तरीय आयोजन नहीं है, बल्कि यह Narendra Modi के डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों का राज्य स्तर पर सशक्त विस्तार है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह सिद्ध किया है कि तकनीक केवल सुविधा नहीं, बल्कि सशक्तिकरण और आर्थिक विकास का माध्यम है। राजस्थान सरकार ने इसी सोच को अपनाते हुए डिजिफेस्ट को डिजिटल परिवर्तन की नींव के रूप में प्रस्तुत किया।

जयपुर: विरासत से नवाचार की ओर

डिजिफेस्ट 2026 के आयोजन के साथ जयपुर की पहचान एक नए रूप में सामने आई। तीन दिनों तक चले इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के समिट में:

  • 10,000 से अधिक देश-विदेश के प्रतिभागी
  • 100+ वैश्विक वक्ता, निवेशक और नीति-निर्माता
  • स्टार्टअप फाउंडर्स, टेक लीडर्स और युवा इनोवेटर्स
  • एआई, फिनटेक, एग्रीटेक, हेल्थटेक, साइबर टेक जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर चर्चाएँ

इन सभी गतिविधियों ने यह साबित किया कि जयपुर अब भारत के उभरते डिजिटल शहरों में अपनी जगह बना चुका है।

कर्नल राठौड़ का स्पष्ट दृष्टिकोण

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बार-बार स्पष्ट किया कि डिजिफेस्ट केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि लंबी अवधि की रणनीति है। उनका कहना है कि:

“डिजिफेस्ट का उद्देश्य केवल मंच देना नहीं, बल्कि युवाओं और स्टार्टअप्स को वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना है।”

उनके नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया गया कि:

  • स्टार्टअप आइडियाज को नीति समर्थन मिले
  • निवेश प्रस्ताव केवल घोषणाओं तक सीमित न रहें
  • एमओयू और संवाद धरातल पर उतरें

यही दृष्टिकोण डिजिफेस्ट को अन्य आयोजनों से अलग बनाता है।

युवाओं के लिए वैश्विक अवसर

डिजिफेस्ट 2026 ने राजस्थान के युवाओं को पहली बार ग्लोबल स्टार्टअप इकोसिस्टम से सीधे जुड़ने का अवसर दिया। युवा उद्यमियों को:

  • अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से संवाद
  • अनुभवी मेंटर्स से मार्गदर्शन
  • स्टार्टअप पिचिंग और फंडिंग अवसर
  • टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स की वास्तविक समझ

यह विश्वास दिलाया गया कि राजस्थान का युवा अब केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला नेतृत्वकर्ता बन सकता है।

महिला स्टार्टअप्स को विशेष समर्थन

डिजिफेस्ट 2026 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता रही महिला उद्यमिता पर विशेष फोकस। कर्नल राठौड़ ने स्पष्ट किया कि राजस्थान की महिलाएँ अब स्टार्टअप्स का हिस्सा ही नहीं, बल्कि उनका नेतृत्व कर रही हैं।

राज्य सरकार का फोकस:

  • महिला स्टार्टअप फाउंडर्स को नीति समर्थन
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म और फंडिंग तक पहुंच
  • ग्रामीण और अर्ध-शहरी महिलाओं को तकनीक से जोड़ना

यह पहल महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक ठोस कदम है।

तकनीक से उद्योग और रोजगार को गति

डिजिफेस्ट के माध्यम से राजस्थान ने यह संकेत दिया कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक आधारित उद्योगों से संचालित होगी। समिट में जिन क्षेत्रों पर विशेष चर्चा हुई, वे हैं:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • फिनटेक और डिजिटल भुगतान
  • एग्रीटेक और ग्रामीण नवाचार
  • हेल्थटेक और स्मार्ट हेल्थ सॉल्यूशंस
  • साइबर सिक्योरिटी और डेटा सुरक्षा

इन क्षेत्रों में निवेश और नीति समर्थन से राज्य में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।

आयोजन से आगे: फॉलो-अप और क्रियान्वयन

कर्नल राठौड़ ने स्पष्ट किया कि डिजिफेस्ट के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण फॉलो-अप एक्शन का है। उद्योग विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि:

  • निवेश प्रस्तावों की नियमित समीक्षा
  • स्टार्टअप्स को इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति सहयोग
  • मेंटरशिप और फंडिंग का निरंतर समर्थन

इससे यह सुनिश्चित होता है कि डिजिफेस्ट के परिणाम कागज़ों तक सीमित न रहें

राजस्थान की नई पहचान

डिजिफेस्ट 2026 के साथ राजस्थान की पहचान बदल रही है:

  • पर्यटन राज्य से डिजिटल राज्य
  • परंपरा के साथ नवाचार
  • स्थानीय सोच के साथ वैश्विक दृष्टि

यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि नीति, नेतृत्व और निष्पादन का परिणाम है।

निष्कर्ष

डिजिफेस्ट 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के नेतृत्व में राजस्थान डिजिटल इंडिया के अगले चरण का मजबूत स्तंभ बन रहा है। यह आयोजन न केवल स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए भविष्य की दिशा तय करता है।

राजस्थान अब केवल इतिहास नहीं रच रहा, बल्कि भविष्य गढ़ रहा है

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से जुड़े रहें

जहाँ नवाचार को नीति मिलती है, वहीं विकास स्थायी बनता है।

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