क्या जयपुर बनेगा नया ‘बैंगलोर’? जानिए 1.5 लाख नौकरियों का पूरा सच

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क्या जयपुर बनेगा नया ‘बैंगलोर’? जानिए 1.5 लाख नौकरियों का पूरा सच

जयपुर को लेकर एक सवाल आजकल तेज़ी से चर्चा में है — क्या यह शहर एक दिन बैंगलोर जैसा टेक हब बन सकता है? जहाँ आईटी कंपनियाँ हों, बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियो

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जयपुर को लेकर एक सवाल आजकल तेज़ी से चर्चा में है — क्या यह शहर एक दिन बैंगलोर जैसा टेक हब बन सकता है? जहाँ आईटी कंपनियाँ हों, बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के दफ्तर हों, और हज़ारों युवाओं को अपने शहर में ही अच्छी नौकरियाँ मिलें?

यह सवाल आज हवा में नहीं है। इसके पीछे एक ठोस सरकारी नीति है — राजस्थान GCC पॉलिसी 2025-26, जिसे कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ — राजस्थान के उद्योग, आईटी और कॉमर्स मंत्री — की अगुवाई में तैयार किया गया है।

GCC क्या होता है — और यह आपके लिए क्यों ज़रूरी है?

GCC यानी Global Capability Centre। जब कोई बड़ी विदेशी या राष्ट्रीय कंपनी — जैसे कोई अमेरिकी बैंक, यूरोपीय दवा कंपनी, या जापानी टेक फर्म — अपने कुछ काम जैसे डेटा एनालिटिक्स, आईटी, फाइनेंस, या रिसर्च किसी भारतीय शहर में करती है, उसे GCC कहते हैं।

बैंगलोर, हैदराबाद, पुणे में हज़ारों ऐसे सेंटर पहले से हैं। अब राजस्थान सरकार चाहती है कि ऐसे सेंटर जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में भी खुलें। और इसके लिए एक पूरी पॉलिसी बनाई गई है

  1. 200+ GCC का लक्ष्य — 2030 तक, हर विधानसभा क्षेत्र में एक
  2. 1.5 लाख युवाओं के लिए नई नौकरियाँ, राज्यवर्धन राठौड़ का लक्ष्य
  3. 60 दिन RajNivesh Single Window Portal पर मंज़ूरी की समयसीमा

पॉलिसी में क्या खास है?

कर्नल राठौड़ के उद्योग विभाग ने इस पॉलिसी में कंपनियों के लिए कई आकर्षक सुविधाएं दी हैं। इनका उद्देश्य एक ही है — बड़ी कंपनियों को यह यकीन दिलाना कि राजस्थान में आना फायदेमंद है।

  • Capital Investment Subsidy — कंपनियों को शुरुआती निवेश पर सब्सिडी मिलेगी
  • Land Cost Incentive — ज़मीन लागत में सरकारी सहायता
  • Payroll Subsidy — कर्मचारियों की सैलरी पर भी कुछ भार सरकार उठाएगी
  • Rental Assistance — दफ्तर का किराया भरने में भी मदद
  • Training Assistance और Tax Relief — RIPS 2024 के तहत अन्य छूट
  • Single Window Clearance — RajNivesh Portal पर सिर्फ 60 दिन में मंज़ूरी

सरल भाषा में समझें: अगर कोई कंपनी जयपुर में अपना GCC खोलना चाहती है, तो सरकार उसे ज़मीन, किराया, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और टैक्स — सब में मदद देगी। यह बैंगलोर से सस्ता पड़ेगा, और सरकार का समर्थन भी मिलेगा।

जयपुर की असली ताकत क्या है?

यह सवाल ज़रूरी है। GCC पॉलिसी तो हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात में भी है। तो जयपुर अलग क्यों है?

पहली बात — लागत। बैंगलोर में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी, ऑफिस का किराया और रहन-सहन का खर्च जयपुर से कहीं ज़्यादा है। कंपनियाँ यह फर्क समझती हैं।

दूसरी बात — टैलेंट। राजस्थान में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के कई अच्छे कॉलेज हैं। iStart Rajasthan के तहत 7,200 से ज़्यादा स्टार्टअप पहले से रजिस्टर्ड हैं। इसका मतलब है कि यहाँ टेक की समझ रखने वाले युवा हैं।

तीसरी बात — सरकार का सीधा समर्थन। जनवरी 2026 में TiE Global Summit में कर्नल राठौड़ ने खुद Google, IIT Delhi और NLU Jodhpur के साथ MoU साइन किए। जब मंत्री खुद टेबल पर बैठकर डील करें, तो भरोसा बनता है।

लेकिन 1.5 लाख नौकरियाँ — यह कब तक होगा?

यह सबसे ज़रूरी सवाल है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 200 GCC और 1.5 लाख नौकरियों का है। यानी अगले 4-5 साल में। यह रातोरात नहीं होगा — और इसे होना भी नहीं चाहिए। बड़ी कंपनियाँ धीरे-धीरे आती हैं, पहले पायलट करती हैं, फिर विस्तार करती हैं।

लेकिन शुरुआत हो चुकी है। Rising Rajasthan Summit में ₹35 लाख करोड़ के MoU हुए थे, जिसमें से ₹7 लाख करोड़ से ज़्यादा का काम ज़मीन पर शुरू हो चुका है। कर्नल राठौड़ के ताज़ा अपडेट्स के अनुसार, राजस्थान का निर्यात 2022-23 के ₹77,771 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹97,171 करोड़ हो गया है — यानी दो साल में ₹19,400 करोड़ की बढ़ोतरी।

युवाओं के लिए सलाह: अगर आप आईटी, फाइनेंस, डेटा एनालिटिक्स, या R&D में काम करते हैं या करना चाहते हैं — तो जयपुर में नौकरी के अवसर अगले 2-3 सालों में तेज़ी से बढ़ने वाले हैं। iStart LMS पर स्किल बढ़ाइए और GCC कंपनियों की भर्तियों पर नज़र रखिए।

तो क्या जयपुर बनेगा नया बैंगलोर?

सच यह है — जयपुर को बैंगलोर बनने की ज़रूरत नहीं। उसे सिर्फ जयपुर बनना है — एक ऐसा शहर जहाँ टेक की नौकरियाँ हों, स्टार्टअप पनपें, और युवाओं को अपना राज्य छोड़ना न पड़े। और उस दिशा में, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की अगुवाई में राजस्थान सही रास्ते पर है।

“हम मिट्टी और रेत से सिलिकॉन और सॉफ्टवेयर की ओर बढ़ना चाहते हैं।”— कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, TiE Global Summit 2026, जयपुर

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