कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के दौरे के दौरान कैडेट्स से संवाद किया। उन्होंने शूटिंग रेंज का निरीक्षण करने के साथ विद्यार्थियों से अनुशासन, मेहनत, नेतृत्व और जिम्मेदारी को लेकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि व्यक्ति का भविष्य केवल परिस्थितियां तय नहीं करतीं, बल्कि उसके निर्णय और उन निर्णयों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है।
परिस्थितियों से ज्यादा जरूरी हैं आपके निर्णय
कैडेट्स से बातचीत के दौरान राज्यवर्धन राठौड़ ने अपने सैन्य जीवन और खेल यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं को समझाया कि मुश्किल परिस्थितियों में लिए गए फैसले उनके आगे के रास्ते को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कैडेट्स को मेहनत पर ध्यान देने और सफलता के साथ असफलताओं से भी सीखने की बात कही। उनके अनुसार, किसी कठिन परिस्थिति को अपने लक्ष्य की राह में स्थायी बाधा नहीं बनने देना चाहिए।
सैन्य जीवन और ओलंपिक अनुभव से मिली सीख
राज्यवर्धन राठौड़ ने अपने सैन्य जीवन से लेकर ओलंपिक पदक तक के सफर से जुड़े अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयास और प्रक्रिया पर ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने कैडेट्स को बड़े लक्ष्यों की दिशा में धैर्य के साथ आगे बढ़ने और हर कदम पर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया।
अनुशासन और नेतृत्व पर जोर
विशेष सभा के दौरान उन्होंने कैडेट्स को पढ़ने की आदत विकसित करने, संवाद कौशल बेहतर करने और टीम के साथ काम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गलतियों से सीखना आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राज्यवर्धन राठौड़ का कैडेट्स के साथ यह संवाद युवाओं में अनुशासन, जिम्मेदारी, नेतृत्व और निरंतर सीखने की सोच को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहा।
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